गर्लफ्रेंड की भोली सहेली पिंकी की सील टूटने की हॉट कहानी
Girlfriend Ki Bholi Saheli Pinky Ki Seal Tootne Ki Hot Kahani
तीन महीने पहले की ये सच्ची देसी हॉट कहानी है जिसमें गर्लफ्रेंड कल्पना अपनी भोली-भाली दोस्त पिंकी को लेकर आती है। 18 साल की कुंवारी पिंकी के बड़े-बड़े स्तन और रसीले होंठ देखकर मेरा लंड तन जाता है। धीरे-धीरे उसे तैयार करके उसकी टाइट चूत में मोटा लंड घुसेड़कर पहली बार चुदाई करता हूं। सील टूटने का दर्द, रस, सिसकारियां और फिर स्वर्ग जैसा मजा – पूरी हॉट हिंदी सेक्स कहानी पढ़ें।
यह कहानी तीन महीने पहले की है। मैं अपने ऑफिस में था जब मेरी गर्लफ्रेंड कल्पना अचानक आई, और उसके साथ एक नई लड़की थी – पिंकी। कल्पना तो मुझे अच्छे से जानती थी, वो मेरी सेक्स की भूखी दीवानी थी, लेकिन पिंकी को देखते ही मेरे अंदर आग लग गई। पिंकी मुश्किल से 18 साल की लग रही थी, लेकिन उसका फिगर इतना परिपक्व और सेक्सी था कि कोई भी कहे कि वो 20-22 की है। उसके बड़े-बड़े, तने हुए boobs जो ब्लाउज से बाहर झांकने को बेताब थे, और वो रसीले, लाल-सुरख होंठ – जैसे कोई पका हुआ फल हो, चूसने को मन करे। जैसे ही मेरी नजर उन पर पड़ी, मेरा लंड पैंट के अंदर सख्त होकर खड़ा हो गया, धड़कने लगा।
पिंकी थोड़ी अनाड़ी और भोली थी, वो मेरी भूखी नजरों को नहीं समझ पाई, लेकिन कल्पना ने मुझे पकड़ लिया। वो शरारती अंदाज में घूरते हुए बोली, “सर, जहां देखो वहां राल टपकाने लगते हो।” मैं मुस्कुराया और पिंकी के उन संतरे जैसे रसीले होंठों पर नजर गड़ाए बोला, “जब सामने इतनी मीठी चीज हो, तो राल खुद-ब-खुद टपक जाती है।”
कल्पना ने आंख मारते हुए कहा, “लेकिन सर, ये अंगूर तो अभी खट्टे हैं, कच्चे हैं।” मैं हंसकर बोला, “तुम भूल रही हो कल्पना, तुम भी तो पहले ऐसे ही खट्टे अंगूर बनकर आई थीं। और मुझे तो खट्टे अंगूर ही सबसे ज्यादा पसंद हैं – उन्हें मीठा बनाना कितना मजा आता है।”
हमारी ये दोहरे अर्थ वाली बातें पिंकी समझ नहीं पा रही थी, वो बस शर्म से मुस्कुरा रही थी। मैंने कल्पना को साइड के केबिन में ले जाकर पूछा, “ये कौन है ये हॉट पीस?” कल्पना ने मेरी कमर पर हाथ फेरते हुए मुझे एक लंबा, गहरा किस किया और बोली, “जाने दो सर, वो अभी बहुत कच्ची है। तुम्हारा वो मोटा, लंबा लंड अगर अंदर गया तो बेचारी मर जाएगी।”
मैंने उसके बड़े-बड़े boobs को जोर से दबाते हुए कहा, “तुम भी तो कच्ची थीं जब पहली बार आई थीं, फिर भी पूरा लंड ले लिया था ना? और कितनी बार चीखी थीं तुम, लेकिन फिर भी और मांगती थीं।” कल्पना शरमाकर लाल हो गई और बोली, “मेरी बात अलग थी सर, मुझे सेक्स के बारे में थोड़ा-बहुत पता था। लेकिन पिंकी तो इतनी भोली है कि उसे शादी की रात क्या होता है, वो भी नहीं पता होगा।”
मैंने उसे और जोर से किस करते हुए कहा, “फिक्र मत करो बेबी, मैं खुद उसे धीरे-धीरे तैयार करूंगा और आज ही उसकी सील तोड़ दूंगा।” कल्पना झुंझलाकर बोली, “उसकी चूत तो बहुत छोटी और टाइट है सर, तुम्हारा लंड इतना मोटा-लंबा… कैसे समाएगी बेचारी?” मैंने हंसकर समझाया, “देखो, चूत कितनी भी छोटी हो, लंड कितना भी बड़ा, दोनों खुद-ब-खुद एडजस्ट कर लेते हैं। तुम खुद सोचो, जिस चूत में लंड न जाए, उसमें नौ महीने बाद इतना बड़ा बच्चा कैसे निकल आता है? प्रकृति ने सब संभाल रखा है।”
कल्पना ने आखिरकार हार मान ली और बोली, “ठीक है सर, तुम्हें जो करना है करो, बस कोई झंझट मत खड़ा करना। वो अगर रोने-चीखने लगी तो मैं नहीं संभालूंगी।”
फिर कल्पना ने पिंकी को अंदर बुलाया। पिंकी सोफे पर बैठ गई, और उसकी दूध जैसी गोरी, चिकनी टांगें देखकर मेरा लंड और सख्त हो गया। वो स्कर्ट थोड़ी ऊपर चढ़ गई थी, और उसकी जांघें चमक रही थीं। मैंने मीठी आवाज में पूछा, “पिंकी बेटा, तुम टीवी सीरियल में काम करना चाहोगी? हीरोइन बनना चाहोगी?”
वो चौंककर बोली, “क्या सर? सच में?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “हां बिल्कुल, मेरी फिल्म इंडस्ट्री में अच्छी पहुंच है। मैं कई लड़कियों को ब्रेक दिलवा चुका हूं।” वो खुशी से उछल पड़ी, लेकिन फिर बोली, “लेकिन मेरे पापा मना कर देंगे…”
मैंने बात काटी, “कल्पना दीदी उन्हें मना लेंगी। और तुम्हें टेंशन लेने की जरूरत नहीं। बस मुझे तुम पर थोड़ा भरोसा करना होगा।” मैंने उसके कंधे पर हाथ रखकर थपथपाया और बोला, “तुम्हारी तरह इतनी खूबसूरत बॉडी वाली लड़कियों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। बस थोड़ा-सा कोऑपरेट करना पड़ता है।”
वो मासूमियत से बोली, “समझी नहीं सर…”
मैंने उसे धीरे से खड़ा किया, अपनी बाहों में लिया और उसकी पतली कमर पर हाथ फेरते हुए कहा, “ये कमर कितनी परफेक्ट है… ये गाल कितने सॉफ्ट…” फिर मैंने बेबाकी से उसके boobs पर हाथ रखा और सहलाने लगा, “और ये खूबसूरत, बड़े-बड़े boobs… इसी फिगर से तुम टॉप पर पहुंच जाओगी।”
वो थोड़ी शरमा गई, लेकिन एतराज नहीं किया। मैं उसके boobs को ब्लाउज के ऊपर से दबाते हुए बोला, “पिंकी, कैसा लग रहा है ये टच?”
वो लजाते हुए बोली, “बहुत अच्छा सर… गुदगुदी सी हो रही है।”
मैंने और जोर से दबाया और ब्लाउज के अंदर हाथ डाल दिया। उसके सख्त, तने हुए boobs मेरे हाथ में आ गए। निप्पल्स को उंगलियों से सहलाने लगा। वो कसमसाने लगी, सांसें तेज हो गईं, लेकिन नजरें झुकाकर खड़ी रही।
मैंने कान में फुसफुसाया, “और मजा चाहिए बेबी?”
वो सहमति में सिर हिलाया। मैं खुशी से पागल हो गया। मैंने उसका ब्लाउज ऊपर उठाया और boobs बाहर निकाल दिए। दूध जैसे गोरे, गुलाबी निप्पल्स वाले वो तने हुए boobs देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया। मैंने उसके पेट पर किस किया, फिर boobs चूसने लगा, पीठ पर, गर्दन पर, हर जगह होंठ फेरे। वो मस्ती में डूब गई, उसके हाथ-पैर कांपने लगे। जब मैंने उसके कान चूसे, वो मुझे जोर से चिपक गई।
मैंने फिर पूछा, “कैसा लग रहा है स्वीटहार्ट?”
वो सिसकारी लेकर बोली, “बहुत अच्छा सर… जैसे स्वर्ग में हूं।”
“और ज्यादा मजा लोगी?”
वो मेरी गर्दन में बाहें डालकर बोली, “हां सर, करो ना… मेरे पूरे बदन को छुओ, किस करो… कुछ भी करो।”
मैं समझ गया, वो अब पूरी तरह तैयार है। मैंने उसके रसीले होंठों पर गहरा किस किया, जीभ अंदर डालकर चूसी। साथ ही boobs को जोर-जोर से दबाया। वो सिसकारियां लेने लगी। फिर मैंने उसकी स्कर्ट का नाड़ा खोला और पैंटी के ऊपर से चूत पर हाथ फेरा। बिल्कुल चिकनी थी, एक भी बाल नहीं – जैसे कोई बच्ची हो, लेकिन इतनी गर्म और गीली।
वो सिसकारी, “सर, मुझे क्या हो रहा है? बदन में आग लग रही है…”
मैंने बोला, “अब असली मजा आएगा बेबी। और चाहिए?”
वो बोली, “हां, करो ना… पूछते क्यों हो? नीचे कुछ घुसाओ… तकलीफ हो तो सह लूंगी।”
मैंने उसकी सारी कपड़े उतार दिए। उसका नंगा बदन शीशे जैसा चमक रहा था – गोरा, साफ, परफेक्ट। मैंने उसे सोफे पर लिटाया और पैर फैलाए। उसकी छोटी, गुलाबी चूत देखकर मैं हैरान रह गया – इतनी कोमल, इतनी टाइट, और इतनी गीली कि पानी बह रहा था। मदहोश करने वाली खुशबू आ रही थी।
मैंने चूत पर मुंह रखा और जीभ से चाटने लगा। वो गांड उठाकर और जोर से दबाने लगी। मैंने क्लिटोरिस चूसा, वो मछली की तरह तड़पने लगी। एक boobs जोर से दबाया तो वो चीख पड़ी, लेकिन मजे से। फिर धीरे से एक उंगली अंदर डाली। वो कसमसाई, “आह… दर्द हो रहा है सर…”
लेकिन मैंने पूरी घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा। वो सिसकारियां लेने लगी। फिर दूसरी उंगली डाली, चूत को चौड़ा करने की कोशिश की। वो अब मजे ले रही थी, कमर उछाल रही थी।
अब मैं उसके साथ लेट गया। एक हाथ boobs सहला रहा था, मुंह से होंठ चूस रहा था। मैंने उसका हाथ अपने पैंट पर रखा और जिप खोल दी। मेरा मोटा, लंबा लंड बाहर आया। वो उतावली होकर उसे पकड़कर दबाने लगी।
मैं बर्दाश्त नहीं कर सका। उठकर उसके पैरों के बीच आया, टांगें कंधों पर रखीं। लंड की टोपी चूत पर रगड़ी और बोला, “पिंकी, अब थोड़ी तकलीफ होगी, लेकिन सहन कर लो। फिर ऐसा मजा आएगा कि जिंदगी भर याद रखोगी।”
वो नशीली आंखों से देखकर बोली, “हां सर, करो… मैं तैयार हूं।”
मैंने हल्के-हल्के झटके दिए, फिर एक जोरदार धक्का। लंड 2-3 इंच अंदर गया। चूत फटने की आवाज आई, रस की धार निकली। वो कराही, आंसू बहने लगे, लेकिन चीखी नहीं – बस मुझे कसकर पकड़ लिया।
मैंने उसके होंठ चूमकर सांत्वना दी और फिर एक और जोरदार धक्का। पूरा लंड अंदर चला गया। वो बेसुध सी हो गई। मैं रुका रहा, फिर धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। थोड़ी देर बाद दर्द कम हुआ और उसे मजा आने लगा। वो मुझे चिमटने लगी, किस करने लगी, मेरे बाल पकड़कर अपने boobs मुंह में देने लगी। “चूसो सर… जोर से… आह… कितना अच्छा लग रहा है…”
लगभग 25-30 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मैं झड़ गया। वो भी कई बार झड़ी थी, पूरी तरह थककर, पसीने से तर, सोफे पर पड़ी थी। मैंने लंड निकाला – रस से लाल था।
तभी कल्पना अंदर आई। पिंकी शरमा कर चादर ओढ़ ली। कल्पना मुस्कुराकर बोली, “घबराओ मत बेटा, ये हर लड़की की पहली बार होता है। अब तुम औरत बन गई हो।”
पिंकी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, “दीदी, सर बहुत अच्छे हैं। अगर मेरी चूत चांदी की है तो उनका लंड सोने का है। अब मैं समझ गई कि स्वर्ग कैसा होता है।”
यह मेरी असली कहानी है। जो कुंवारी लड़कियां अनोखी, भरपूर चुदाई का मजा लेना चाहती हैं, वो संपर्क करें। एक बार मेरे लंड का स्वाद चखने के बाद मेरी दीवानी हो जाएंगी – ये मेरा चैलेंज है।
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