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मेरी दोनों गर्लफ्रेंड्स ने मिलकर मुझे एक हफ्ते तक रोज चोदा

किरण की अपनी दोनों सेक्सी गर्लफ्रेंड्स दिव्या और लक्ष्मी के साथ वाली सबसे हॉट थ्रीसम सेक्स कहानी। पूरा घर खाली था, दोनों ने मिलकर किरण को खूब चोदा और चुदवाया। डबल ब्लोजॉब, 69, डिल्डो प्ले और बार-बार चुदाई की पूरी हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़ें।हैलो सेक्स लवर्स, मैं किरण फिर से हाजिर हूँ। इस बार अपनी दोनों खूबसूरत और सेक्सी गर्लफ्रेंड्स — दिव्या और लक्ष्मी — के साथ वाली वो सबसे हॉट, सबसे यादगार और सबसे जंगली वाली थ्रीसम कहानी लेकर आया हूँ, जिसमें हर पल आग बरस रही थी।

पहले मैं दोनों के साथ अलग-अलग कई बार इंटीमेट हो चुका था, लेकिन तीनों का साथ कभी नहीं हुआ था। दिव्या मेरी जूनियर है, कॉलेज में साथ पढ़ती है। उसका फिगर बेहद आकर्षक — 30-28-32, हाइट 5’6″, वजन सिर्फ 48 किलो। वो बहुत स्लिम, गोरी, लंबे काले बालों वाली और चेहरे पर हमेशा एक शरारती मुस्कान रहती है। उसकी छोटी-छोटी लेकिन बहुत सुदौल और गुलाबी चूचियाँ, पतली कमर और गोल-मटोल गांड देखकर कोई भी कंट्रोल नहीं कर पाता।

लक्ष्मी दिव्या की सबसे अच्छी फ्रेंड है। उसका फिगर 32-30-34, हाइट 5’8″ और वजन 52 किलो। एवरेज बॉडी लेकिन बहुत सेक्सी — बड़े-बड़े गोरे स्तन, चौड़ी कमर और मोटी, नरम गांड। दोनों ही खुशमिजाज, बोल्ड और बेड पर पूरी तरह बेशर्म हो जाती हैं।

जब मैं पहली बार लक्ष्मी के साथ सोया था, उसी रात दोनों ने मुझे बताया था कि वो कभी न कभी हम तीनों साथ में मजे करना चाहती हैं। मैंने हँसकर कहा था, “जब तुम दोनों पूरी तरह तैयार हो जाओ, मुझे बुला लेना।” और वो दिन आ ही गया।

एक दिन सुबह दिव्या का कॉल आया। उसकी आवाज में एक्साइटमेंट साफ झलक रही थी।
“किरण… अगले हफ्ते मेरे मम्मी-पापा और सारा परिवार किसी रिलेटिव की शादी में 6 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं। मैंने क्लासेस का बहाना बनाकर नहीं जाने का फैसला कर लिया है। लक्ष्मी भी मेरे साथ ही रहेगी। पूरा घर सिर्फ हम तीनों का होगा… आओगे ना?”

मैं मुस्कुराया और बोला, “बिल्कुल आऊंगा जान। मैं तो इंतजार ही कर रहा था।”

अगले हफ्ते सोमवार की सुबह जैसे ही उनके घर वाले निकले, दिव्या ने मुझे मैसेज किया। मैंने घर पर मम्मी को बोल दिया कि आज ग्रुप स्टडी है और लेट नाइट तक रहेगा। फिर सीधा दिव्या के घर पहुंच गया।

जैसे ही मैंने दरवाजा खटखटाया, दोनों बाहर आईं। दिव्या ने सफेद शॉर्ट टॉप और शॉर्ट्स पहना था, जबकि लक्ष्मी ने ब्लैक टाइट टॉप और योगा पैंट्स। दोनों ने मुझे जोर से गले लगाया। दिव्या ने पहले मेरे होंठों पर गहरी किस की, जीभ तक अंदर डाल दी। फिर लक्ष्मी ने मेरे गले को चूमते हुए मेरे निचले होंठ को काटा और लंबी किस दी। उनकी आँखों में शरारत और कामुकता दोनों थी।

अंदर आते ही उन्होंने मुझे ठंडा ऑरेंज जूस दिया। कुछ देर सोफे पर बैठकर हँसी-मजाक, कॉलेज की गप्पें और सेक्सी जोक्स चलते रहे। फिर दिव्या ने मेरे हाथ को अपनी जांघ पर रखते हुए कहा,
“चलो… अब काफी बातें हो गईं। बेडरूम चलते हैं। आज पूरा दिन और रात सिर्फ हम तीनों की है।”

बेडरूम में घुसते ही मैंने मुस्कुराते हुए कहा,
“पहले मैं तुम दोनों को एक-दूसरे के साथ देखना चाहता हूँ। लड़कियाँ आपस में कैसे प्यार करती हैं, मुझे पूरा शो दो।”

दोनों ने शरमाकर एक-दूसरे को देखा, फिर मुस्कुराकर हामी भर दी। उन्होंने एक-दूसरे के सामने खड़े होकर धीरे-धीरे कपड़े उतारने शुरू किए। दिव्या ने लक्ष्मी का टॉप उतारा, लक्ष्मी ने दिव्या का। हर कपड़े के साथ गहरी किस, गर्दन चूमना और स्तनों को सहलाना चलता रहा। जब दोनों पूरी तरह नंगी हो गईं तो मेरा लंड अपने आप खड़ा हो गया।

दिव्या ने लक्ष्मी को बिस्तर पर लिटाया और उसके बड़े-बड़े स्तनों पर टूट पड़ी। वो उन्हें चूस रही थी, निप्पल्स को जीभ से घुमा रही थी और हल्के-हल्के काट रही थी। लक्ष्मी की आँखें बंद हो गईं और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं — “आह्ह… दिव्या… हाँ… और जोर से चूसो…”

My two girlfriends together fucked me every day for a week

फिर लक्ष्मी ने दिव्या को पलट दिया और उसके छोटे-छोटे लेकिन बहुत सेंसिटिव स्तनों को चूसने लगी। दोनों एक-दूसरे की जांघों को सहला रही थीं, उंगलियाँ चूत पर फिरा रही थीं। कुछ देर बाद दोनों 69 पोजीशन में आ गईं। दिव्या ऊपर थी। दोनों एक-दूसरे की गीली चूत को जीभ से चाट रही थीं, चूस रही थीं, उंगलियाँ अंदर डाल रही थीं। कमरे में सिर्फ उनकी “आह्ह… उम्म्म… हाँ… वहाँ… और तेज…” की आवाजें और चूत चाटने की चट-चट की आवाज गूँज रही थी।

मैं बिस्तर के किनारे बैठा पूरा मजा ले रहा था। मेरा लंड अब पूरी तरह तना हुआ था और पैंट में तनाव हो रहा था।

थोड़ी देर बाद लक्ष्मी ने हाँफते हुए कहा, “किरण… ड्रॉअर में से डिल्डो निकाल दो ना…”

मैंने ड्रॉअर खोला तो हैरान रह गया — चार अलग-अलग साइज के डिल्डो, एक वाइब्रेटर, एक डबल-एंडेड डिल्डो और कुछ लुब्रिकेंट। मैंने 8 इंच का डबल-एंडेड डिल्डो निकालकर उन्हें दिया। दोनों ने उसे अपनी-अपनी चूत में धीरे-धीरे डाला और आमने-सामने बैठकर एक-दूसरे को चोदने लगीं। दोनों की गांड ऊपर-नीचे हो रही थी, स्तन हिल रहे थे और सिसकारियाँ अब चीखों में बदल गई थीं।

“आह्ह… हाँ… और तेज… मुझे चोदो… आ रही हूँ…”
दस-बारह मिनट में ही दोनों एक साथ झड़ गईं। उनके शरीर थर-थर काँप रहे थे।

अब मैं बिस्तर पर चढ़ गया। दोनों ने मिलकर मेरे सारे कपड़े उतार दिए। दिव्या ने मेरे लंड को मुंह में ले लिया और गहरी गले तक चूसने लगी। लक्ष्मी मेरी छाती चूस रही थी और नीचे हाथ से मेरे अंडों को सहला रही थी। फिर हम तीनों एक चेन बन गए — मैं लक्ष्मी की गीली और गर्म चूत चाट रहा था, लक्ष्मी दिव्या की चूत चाट रही थी और दिव्या मेरा लंड पूरा मुंह में ले रही थी।

कुछ देर बाद दिव्या ने नरम लेकिन कामुक आवाज में कहा,
“किरण… अब लक्ष्मी को चोदो… मैं बहुत देखना चाहती हूँ कि तुम उसे कैसे फाड़ते हो।”

मैंने लक्ष्मी को मिशनरी पोजीशन में लिटाया। उसकी टाँगें कंधों पर रखीं और अपना मोटा, खड़ा लंड धीरे-धीरे उसकी टाइट चूत में घुसाया। लक्ष्मी ने जोर से आह भरी — “आआह्ह… किरण… बहुत मोटा है… धीरे… आह्ह…”

मैं धीरे-धीरे लेकिन गहरे थ्रस्ट्स देने लगा। साथ ही दिव्या की चूत को अपने मुंह से चूसता रहा। लक्ष्मी कुछ ही मिनटों में चीखने लगी, “हाँ… और जोर से… फाड़ दो मुझे… आ रही हूँ… आह्ह!”
मैं भी रुक नहीं पाया। लक्ष्मी की चूत के अंदर ही मैंने अपना पूरा गर्म माल छोड़ दिया। दिव्या भी मेरे मुंह में झड़ गई। तीनों एक साथ झड़ गए।

हम थोड़ी देर चिपके रहे, किस करते रहे, स्तन चूसते रहे।

फिर मैंने दिव्या को घुटनों के बल करवाया और पीछे से उसे चोदा। लक्ष्मी मेरे नीचे लेट गई और मेरे लंड के नीचे अपनी जीभ से मेरे अंडों को चाट रही थी। पूरा दिन और रात हम तीनों ने अलग-अलग पोजीशन्स में मजे किए — दिव्या को डॉगी में, लक्ष्मी को काउगर्ल में, दोनों को एक साथ चोदते हुए, दोनों के मुंह में लंड डालते हुए, दोनों की चूतें एक साथ चाटते हुए।

शाम को साढ़े बारह बजे तक हम थककर चूर हो चुके थे, लेकिन खुशी से झूम रहे थे।

अगले ५-६ दिन तक, जब तक दिव्या के घर वाले नहीं लौटे, हम रोज़ सुबह से शाम तक यही करते रहे। कभी बेडरूम में, कभी लिविंग रूम के सोफे पर, कभी किचन में, कभी शावर के नीचे।

अभी भी जब कभी तीनों को टाइम मिल जाता है, हम एक-दूसरे को पूरी तरह संतुष्ट करते हैं। दिव्या और लक्ष्मी मेरी जिंदगी की सबसे हॉट, सबसे प्यारी और सबसे समझदार गर्लफ्रेंड्स हैं।

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