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मौसी की बेटी सोनाली के साथ पहली चुदाई की रीयल हिंदी सेक्स स्टोरी

पढ़िए प्रतीक की रीयल हिंदी सेक्स स्टोरी जहां 18 साल की उम्र में उसकी कजिन सोनाली दीदी के साथ पहली बार सेक्स हुआ। वर्जिनिटी ब्रेक, हॉट किसिंग, चूत चाटना और जोरदार चुदाई के हसीन पलों की हिंदी में पूरी डिटेल। आंटी या लड़कियां कॉन्टैक्ट करें अगर ट्राई करना हो!

हे फ्रेंड्स, सभी लंड वालों और चूत वालीयो को प्रतीक का सलाम। जैसा कि आप सब जानते हैं, हम सबमें सेक्स कूट-कूट कर भरा हुआ है और सबको सेक्स की बहुत चाहत है। सबका मन करता है इसे ट्राई करने का, जिस किसी भी आंटी का मन हो इसे ट्राई करने का, मुझसे कॉन्टैक्ट करे।

तो आज मैं आपको अपनी लाइफ का एक रीयल इंसिडेंट बताने जा रहा हूं, जो मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं था। मैं खुद को इंट्रोड्यूस कर दूं, मैं हूं प्रतीक फ्रॉम इंदौर। सो आप सबको ज्यादा बोर न करते हुए मैं अपनी स्टोरी पर आता हूं, जो ऐक्चुअली मेरे साथ हुई। मैं अभी 22 ईयर्स ओल्ड हूं, हाइट 5 फीट 11 इंच है। और ज्यादा हैंडसम तो नहीं, लेकिन हां, लड़कियां मुझे पलट कर न देखें ऐसा नहीं होता। अरे, मैं फिर कहीं चला गया। चलो अब स्टोरी पर आते हैं।

जब मैं 18 ईयर्स का था, तब मुझे पहली बार अपनी मौसी के यहां जाने का मौका मिला। मेरी मौसी भोपाल में रहती हैं। उनका घर बहुत बड़ा और शानदार है, और वो काफी अच्छे लोग हैं। जैसा कि मैंने बताया, मैं अपनी 12वीं की एग्जाम्स के बाद अपनी मौसी के यहां गया था। जैसे ही मैं स्टेशन पर पहुंचा, तो देखा मौसा जी मुझे लेने आए हैं। उन्हें देखते ही मैं खुश हो गया, उनसे मिला और पैर भी छुए। मौसा जी ने बताया कि हम अभी मार्केट से सामान लेते हुए घर चलेंगे। मैंने अपना सामान कार में रखा, और ड्राइविंग सीट पर मौसा जी थे, मैं उनके पास फ्रंट वाली सीट पर बैठा।

जब हमने सामान ले लिया, तो अचानक मौसा जी के सेल पर फोन आया। वो मेरी कजिन दीदी सोनाली का कॉल था। मौसा जी ने उनसे बात की और फोन रख दिया। तो मैंने पूछा, क्या हुआ मौसा जी? तो उन्होंने कहा कि सोनाली को उसकी फ्रेंड के घर से पिक अप करना है। मैंने कहा, ओके ठीक है। अब मैं अपनी दी के बारे में बताता हूं। सोना दी उनका निक नेम है, एक बहुत ही सुंदर और सेक्सी लड़की है। उनकी हाइट 5 फुट 5 इंच है, बड़े-बड़े बाल, सूरख काली आंखें। आपने ऐक्ट्रेस काजल अग्रवाल को तो देखा होगा, बिल्कुल उसके जैसी है वो। उनका फिगर ऐसा था जैसे उनकी बॉडी का हर पार्ट टेप से मेजर करके बनाया गया हो। उनकी ऐज उस समय 20 ईयर्स थी।

बैक टू स्टोरी, जैसे ही हम दी की फ्रेंड के घर के पास पहुंचे, दीदी हमें ऊपर बालकनी में खड़ी दिखी। मैं तो उन्हें देखता ही रह गया। दीदी ने पिंक कलर का सूट पहना था, जो उनकी बॉडी पर इतना टाइट था कि हर कर्व हाइलाइट हो रहा था। दीदी हमें देख कर जल्दी से नीचे आ गईं, और उनके आते ही मैंने उनके लिए कार का दरवाजा खोला। उन्होंने थैंक्स कहा और हम घर आ गए। सब मुझे देख कर बहुत खुश हुए। मेरी मौसी की फैमिली में 4 लोग थे: मौसी, मौसा जी, भैया और सोना दी।

फिर हमने थोड़ी देर बात की, तब तक खाने का टाइम हो गया था। हम सबने खाना खाया और सोने जाने लगे। तो मौसी ने कहा, प्रतीक तू भैया के पास वाले रूम में सो जा। मैंने कहा, ओके मौसी। फिर जैसे ही सब अपने-अपने कमरे में गए, उसके थोड़ी देर बाद दीदी मेरे रूम में आ गईं और कहने लगीं, तू कितना बड़ा हो गया है प्रतीक। तो मैंने कहा, दीदी हमेशा बच्चा तो नहीं रहूंगा। ये सुनते ही दीदी हंसने लगीं। उन्होंने कहा, तू बहुत अच्छी बातें भी करने लगा है। मैंने कहा, आपका छोटा ब्रो जो हूं। दीदी ने कहा, वो तो है। फिर दीदी ने कहा, चल अब सो जा, सुबह बात करते हैं। मैंने कहा, दीदी एक बात कहूं? उन्होंने कहा, बोल ना बुद्धू। मैंने कहा, आप बहुत क्यूट लगते हो जब आपके फेस पर आपके बाल आते हैं। उन्होंने एक क्यूट सी स्माइल दी और चली गईं।

सुबह मैं जब उठा, तो भैया और मौसा जी अपने ऑफिस के लिए निकल रहे थे। मैंने भैया को और मौसा जी को बाय किया और टेबल पर बैठा। मौसी से पूछा, सोना दी कहां है? तो मौसी बोली, आज उसका लास्ट पेपर है। फिर मैंने नाश्ता किया और हॉल में जाकर टीवी ऑन किया। उस पर एक रोमांटिक सॉन्ग आ रहा था। उस सॉन्ग की ऐक्ट्रेस को देखा तो मेरे सामने मेरी सोना दी का फेस घूम रहा था। मैंने सोचा, ये मुझे क्या हो रहा है? अचानक मौसी ने कहा, जल्दी से रेडी हो जा, मंदिर हो आते हैं। मैंने कहा, ओके। मंदिर जाते टाइम हर जगह मेरी नजरें दी को ढूंढ रही थीं। खैर, हमने दर्शन किए और घर वापस आए। डोर बेल बजाई और जैसे ही डोर ओपन हुआ, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी सोना दी मेरे सामने थीं। उन्होंने एक वाइट कुर्ता और ब्लैक जींस पहन रखी थी, जो उनकी कर्व्स को इतना हाइलाइट कर रही थी कि मैं बस देखता रह गया। उनकी जींस इतनी टाइट थी कि उनकी थाइज की शेप साफ नजर आ रही थी, और कुर्ता उनके ब्रेस्ट पर इतना फिट कि हर सांस के साथ वो ऊपर-नीचे हो रहे थे।

मैंने दीदी को कहा, एक मिनट अंदर चलो। तब तक मौसी अपने रूम में जा चुकी थीं। मैं दीदी को उनके रूम में लेकर गया और पूछा, मेकअप का सामान कहां रखा है? तो दी ने कहा, मैं ये सब यूज नहीं करती। मैंने कहा, कोई बात नहीं, आप बैठो मैं 2 मिनट में आता हूं। मैं गया और मौसी के पास से काजल की डिब्बी लाया। धीरे से दीदी के कान के पीछे लगाया और कहा, आप ऐसे बाहर मत जाया करो, आपको नजर लग जाएगी। ये सुनके मेरी दी बहुत खुश हुईं और उन्होंने मुझे गले लगा लिया। ओह्ह, उनके बूब्स पहली बार मेरे चेस्ट से टच हुए। वो इतने सॉफ्ट थे, जैसे रूई के गोलों से भरे हों। लेकिन मेरे दिल में उस समय तक कोई ऐसा थॉट नहीं था। फिर मैंने कहा, मुझे भूख लगी है। दी ने कहा, मॉम का व्रत है, चल हम दोनों खाते हैं। फिर खाना खाया और मैं अपने कमरे में सो गया।

जब उठा, तो मौसी फोन पर भैया से बात कर रही थीं। उनके फोन रखते ही मैंने पूछा, क्या हुआ मौसी? तो उन्होंने कहा, भैया और मौसा जी को अर्जेंट में दिल्ली जाना है, वो 3 दिन बाद आएंगे। फिर मैं दीदी के रूम में गया, तो देखा वो सो रही हैं। उनकी सांसें इतनी शांत थीं, लेकिन मेरी नजर उनके बूब्स पर पड़ी। वो हर सांस के साथ ऊपर-नीचे हो रहे थे, जैसे कोई लहरें उठ रही हों। उनकी टी-शर्ट थोड़ी ऊपर हो गई थी, और उनकी कमर की सॉफ्ट स्किन नजर आ रही थी। मेरी हार्टबीट बहुत तेज हो गई ये सब देख कर। फिर मैं वहां से चला गया।

रात को जब हम खाना खा रहे थे, तो दीदी ने मौसी से कहा, आज पापा और भैया नहीं हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लग रहा। मौसी ने कहा, आ जाएंगे। खाना खाते वक्त दीदी मुझे देख रही थीं और मैं दीदी को। हमारी आइज लॉक हो गईं, हम बस एक-दूसरे में खो गए। दीदी की आंखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वो मुझे कुछ कहना चाहती हों। फिर मौसी के बोलने पर हम होश में आए और खाना कंपलीट हो गया। सब अपने-अपने रूम में सोने जाने लगे, तो ऑल ऑफ अ सदन दीदी ने कहा, मां आज मैं प्रतीक के रूम में सो जाऊं, मुझे उससे बहुत सी बातें करनी हैं। मौसी ने कहा, हां ठीक है, उसे भी अच्छा लगेगा, अकेला फील नहीं करेगा। मैं वहां खड़ा ये सब सुन रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद मैं रूम में गया और मैंने अपनी फेव शॉर्ट और एक जिम वेस्ट पहन ली। अचानक दीदी भी वहां आ गईं और उन्होंने एक पिंक टी-शर्ट और कैप्री पहनी थी। टी-शर्ट इतनी थिन थी कि उनके ब्रा की आउटलाइन साफ दिख रही थी, और कैप्री उनकी थाइज पर इतनी टाइट कि मैं बस देखता रह गया। फिर हम बातें करने लगे और इन सब के बीच दीदी ने मुझसे पूछा, प्रतीक तेरी कोई जीएफ है? मैंने कहा, नहीं। लेकिन आपने ये क्यों पूछा? वो कहने लगीं, इतना अच्छा क्यूट सा लड़का है, जीएफ तो होनी चाहिए। मैंने कहा, इस हिसाब से तो आपका भी बीएफ होना चाहिए, आप भी तो काफी चार्मिंग, क्यूट, ब्यूटीफुल हो। ये सुनते ही दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा, क्या सच में इतनी अच्छी हूं?

मैंने कहा, अगर आप जैसी लड़की मुझे मिले तो मैं तो उसे लाइफटाइम के लिए साथ रखूं, उससे शादी कर लूं। फिर दीदी ने मुझे कहा, अपना गाल इधर ला। जैसे ही पास गया, दीदी ने मुझे चीक्स पर किस किया। तो मैंने झट से दीदी से कहा, दीदी मुझे और चाहिए। तो दीदी ने मेरे गाल पर हाथ रखा, तो मैंने कहा, कहां? लिप्स पर। दीदी ने पहले मना किया, पर मैंने कहा, क्या अब मैं क्यूट नहीं? तो दीदी ने बिना कुछ कहे मुझे किस करने लगीं और मैं भी दीदी के लिप्स चूस रहा था। उनके लिप्स इतने सॉफ्ट थे, जैसे कोई जूसी फ्रूट हो। मैंने उन्हें कस कर हग कर दिया, मैंने उन्हें जकड़ लिया। उन्होंने भी मुझे पकड़ लिया। वो गर्म होने लगीं थीं, उनकी सांसें तेज हो गईं। फिर मैंने दीदी के बूब्स पर हाथ रखा और उन्हें दबाने लगा। ओह्ह, वो इतने परफेक्ट थे, मीडियम साइज, लेकिन इतने फर्म कि दबाने में मजा आ रहा था। दीदी मेरे आगोश में मदहोश हो गईं और मैं भी उनकी बाहों में खो गया।

फिर 15 मिनट किस करने के बाद मैंने दीदी से कहा, दीदी क्या मैं आपका दूध पी सकता हूं? तो दी ने बिना कहे अपनी टी-शर्ट उतार दी। उन्होंने लाइट पिंक ब्रा पहनी थी, जो उनकी स्किन से मैच कर रही थी। मैंने कहा, इसे भी उतारो। तो दी ने कहा, दूध किसको पीना है? ये सुनते ही मैंने उनकी ब्रा उतारी और इतने प्यारे मीडियम साइज बूब्स, एक दम गोल और निप्पल क्रीम पिंक कलर का था। मैं तो टूट पड़ा और जोर-जोर से उन्हें सक किया। वो मेरे सर पर हाथ घुमा रही थीं और कह रही थीं, ओोह्ह प्रतीक उम्म्म तू आह कितना अच्छा है। आई लव यू उम्म आह्ह्ह ओह्ह उम्म और जोर से चूस इन्हें। मैं भी अब पूरे जोश में था। मैंने सारे कपड़े उतारे और अपनी जोकी की अंडरवियर में बेड पर था।

मैंने धीरे से दीदी की कैप्री भी उतार दी। उन्होंने ब्लैक पैंटी पहनी थी, जो उनकी वेट चूत से चिपकी हुई थी। मैंने धीरे-धीरे उनके बदन का हर हिस्सा किस किया। उनकी नेक से शुरू करके, ब्रेस्ट, निप्पल्स को फिर से चूसा, फिर बेली पर किस, और थाइज पर। दीदी इतनी गर्म थीं और आवाजें निकाल रही थीं, ओोह्ह मम्म आह्ह ओह्ह प्रतीक मेरी जान ओह्ह उम्म कितने सालों से इस दिन का वेट कर रही थी। मैंने उनकी पैंटी निकाली और देखा तो वो पहले ही एक बार झड़ चुकी हैं। उनकी क्लीन शेव्ड चूत बहुत प्यारी लग रही थी, गुलाबी और वेट। मैं उस पर जीभ चलाने लगा और उसे चाटने लगा। उनकी चूत अंदर से एक दम पिंक थी, और उसका टेस्ट इतना स्वीट कि मैं पागल हो गया। दीदी ने कहा, ओोह्ह प्रतीक अब और मत तड़पा, आज अपनी दीदी को अपना बना ले।

मैंने झट से अपना लंड 7 इंच निकाला और दीदी की चूत के यहां ले गया। उसे रगड़ रहा था, वो इतनी वेट थी कि स्लिप हो रहा था। तो दीदी ने अपने हाथ में लिया और कहा, ओह्ह ये मेरे क्यूट से भाई का लंड कितना बड़ा है। फिर मैंने दीदी की चूत पर रखा और धक्का दिया। दीदी जोर से चिल्लाईं और मुझे भी दर्द हुआ, क्योंकि वो भी वर्जिन थीं। मैं भी। फिर इस दर्द से ध्यान हटाने के लिए वो और मैं किस कर रहे थे और एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे। उनकी जीभ इतनी सॉफ्ट थी, और हमारा स्लाइवा मिक्स हो रहा था। फिर 5 मिनट बाद मैंने फिर एक झटका दिया और लंड आधा अंदर गया। दीदी फिर चीख पड़ीं। फिर मैंने कहा, दीदी बस थोड़ा और है। दीदी ने मेरी आंखों में देखा, एक अजीब सा नशा था उनकी आंखों में। और एक और धक्का दिया और फिर रुका। इस सब के बीच मेरे हाथ दीदी के बूब्स भी दबा रहे थे, उनके निप्पल्स को पिंच कर रहे थे।

फिर मैंने धीरे-धीरे धक्का देना चालू किया। और जब दीदी थोड़ी रिलैक्स हो गईं, तो वो भी मेरा साथ देने लगीं। वो अपने हिप्स उछाल रही थीं, जैसे मुझे और गहरा लेना चाहती हों। फिर मैंने झटके और तेज कर दिए, कमरे में थप-थप की आवाज गूंज रही थी। दीदी की चूत इतनी टाइट थी कि हर धक्के में मजा दोगुना हो रहा था। फिर 5 मिनट बाद मैंने कहा, मैं छूटने वाला हूं। तो दीदी ने कहा, हां ओोह्ह मैं भी ओह्ह प्रतीक और तेज। मैंने स्पीड और बढ़ा दी और तेजी से चोदने लगा। उनकी चूत मेरे लंड को मिल्क कर रही थी। फिर दीदी अकड़ गईं, वो झड़ गईं, उनका जूस मेरे लंड पर बह रहा था। मुझे पसीने आ रहे थे, मैं भी थोड़ी देर में छूट गया और दीदी के ऊपर लेट गया। हम दोनों की सांसें तेज चल रही थीं, हमारा स्वेट मिक्स हो रहा था।

दीदी और मैं ऐसे ही सो गए। थोड़ी देर बाद दीदी ने हमारे ऊपर चादर डाली और फिर मुझे किस करने लगीं। मैं भी रिस्पॉन्ड किया और फिर हमारे प्यार के हसीन पल चालू हो गए। उस रात मैंने दी को 3 बार चोदा। पहली बार तो वर्जिनिटी ब्रेक हुई, दूसरी बार हम डॉगी स्टाइल में ट्राई किए, जहां मैंने उनके हिप्स पकड़ कर जोरदार धक्के दिए और उनके बूब्स झूल रहे थे। तीसरी बार वो मेरे ऊपर आईं और राइड की, उनके बाल मेरे फेस पर गिर रहे थे, और वो उछल-उछल कर मजा ले रही थीं। हर बार हमारी आवाजें कमरे में गूंजती रहीं: ओोह्ह आह्ह उम्म प्रतीक मेरी जान, चोद मुझे और जोर से। आज दीदी की शादी हो गई है, पर जब भी हमें टाइम मिलता है, हम एक-दूसरे के प्यार में खो जाते हैं। वो पल हमेशा याद रहते हैं, जहां हमारी बॉडीज एक हो जाती हैं।

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