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सेक्सी बॉस ने खुद बुलाया घर और पूरी रात चुदवाया

Sexy Boss Ne Khud Bulaya Ghar Aur Puri Raat Chudwaya

नई नौकरी में मिली सेक्सी बॉस रिचा के साथ प्यार और फिर पहली बार की धमाकेदार चुदाई की सच्ची कहानी। ऑफिस रोमांस से घर तक की पूरी रात की चुदाई, बिना कंडोम के अंदर तक का मज़ा – पूरी देसी हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़ें और गरम हो जाएँ।

नमस्ते दोस्तों, देसी कहानी में मैं नया हूँ। मेरे दोस्तों के कहने पर यहाँ कुछ कहानियाँ पढ़ीं – कुछ झूठी लगीं, कुछ पढ़कर इतना मज़ा आया कि सोचा क्यों न अपनी सच्ची कहानी आपसे शेयर करूँ। मेरा नाम अनुराग है, मैं मुंबई में रहता हूँ। उम्र 22 साल, हाइट 6 फुट, जिम जाने से बॉडी टाइट और मसल्स मजबूत। मेरा लंड 6 इंच का, मोटा और हमेशा तैयार रहता है।

बात उस वक़्त की है जब मैंने मुंबई में नई जॉब शुरू की थी। एक बड़ी MNC में सीनियर की पोस्ट मिली। पहला दिन ऑफिस गया तो वहाँ ढेर सारी लड़कियाँ थीं, लेकिन कोई खास अट्रैक्शन नहीं हुआ। फिर थोड़ी देर बाद मेरी ड्रीम गर्ल मेरे सामने से गुज़री। उस दिन उसे थोड़ा लेट हो गया था। क्या बताऊँ दोस्तों, मेरे तो होश ही उड़ गए। नाम था रिचा। फिगर 32-28-36 – परफेक्ट कर्व्स, गोरी त्वचा, लंबे बाल और वो सेक्सी स्माइल।

किस्मत अच्छी थी कि हम दोनों का बॉस एक ही था। उसने हमें इंट्रोड्यूस करवाया। उस दिन मैं बहुत खुश था। अगले दिन उसने मुझे अपने पास बुलाया, मेरे बारे में पूछा। मैंने सब बताया, वो बहुत इंटरेस्ट ले रही थी। ऐसे ही दिन बीतते गए। हम साथ काम करते, साथ लंच करते, कैंटीन में साथ जाते। वो मेरे साथ बहुत फ्रैंक हो गई – मेरे मसल्स को छूती, मजाक करती, मेरी आर्म्स को सहलाती। मुझे बहुत अच्छा लगता। मैं तो उसके पीछे पागल हो चुका था।

मुझे किसी भी तरह उसे चोदना था। मजाक-मजाक में हम इतने करीब आते कि उसके सॉफ्ट बूब्स मेरे सीने से टच हो जाते। मुझे बहुत मज़ा आता और मुझे पता था कि उसे भी बुरा नहीं लगता, बल्कि वो और करीब आती। वो मेरी आँखों में देखकर मुस्कुराती, जैसे कह रही हो – मुझे भी तुम्हारा टच पसंद है।

एक दिन लंच टाइम हुआ, सब लोग चले गए। हम दोनों काम में बिज़ी थे, पूरा ऑफिस खाली। मैंने सोचा इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा। हिम्मत जुटाकर उसके पास गया। उसके साइड से बूब्स देखकर मन में आग लग गई – सोचा अगर आज इन्हें नहीं दबाया तो कोई और ले जाएगा। मैंने उसका हाथ पकड़ा और बोला, “रिचा, बुरा मत मानना… मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ। I love you।”

और झट से उसके गुलाबी होंठों पर किस कर दिया। उसने मुझे रोका नहीं, बल्कि उसकी साँसें तेज़ हो गईं। मैंने इसे ग्रीन सिग्नल समझा और एक हाथ से उसके बूब्स को छूने लगा। वो इतने सॉफ्ट और गरम थे। तभी वो हल्के से बोली, “ये क्या कर रहे हो… यहाँ कोई देख लेगा।”

मैंने पूछा, “क्यों, तुम्हें मुझसे प्यार नहीं है?” वो शरमाते हुए बोली, “है ना… बहुत है। लेकिन यहाँ रिस्क है।” मैं जोश में आ गया। बोला, “सब लंच पर गए हैं, कोई नहीं आएगा।” अब मैं सिर्फ़ छू नहीं रहा था, ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था। वो सिसक रही थी, लेकिन उसकी आँखें कह रही थीं – और करो।

फिर वो बोली, “नहीं… रिस्क नहीं लेते। अब मैं तुम्हारी हूँ, बाद में जो करना है कर लेना।” मैंने उसे एक लंबा किस दिया और हम लंच पर चले गए।

कई दिन ऐसे ही ऊपर-ऊपर मज़े लिए। फिर एक दिन उसने बताया कि उसके मम्मी-पापा शादी में पुणे जा रहे हैं, घर खाली रहेगा। ये सुनकर मैं पागल हो गया। हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में आने को बेचैन थे। उस दिन मैंने घर पर बोला कि दोस्त के यहाँ जा रहा हूँ, रात नहीं आऊँगा।

ऑफिस छूटा तो हम लेट निकले ताकि किसी को शक न हो। रास्ते में मेडिकल शॉप से कंडोम लिया। फिर मेरी बाइक पर वो मेरे पीछे बैठी, उसके बूब्स मेरी पीठ से दब रहे थे। उसके घर पहुँचे। दरवाज़ा खोला और जैसे ही अंदर आए, मैंने उसे बाहों में जकड़ लिया। वो हँसकर बोली, “जानू, थोड़ा इंतज़ार कर लो। आज पूरी रात तुम्हारी हूँ। पहले फ्रेश हो जाएँ।”

मैंने उसे किस किया और छोड़ दिया। हम फ्रेश हुए। मैं सोफे पर बैठा तो वो नहाकर बाहर आई – क्या लग रही थी! स्पघेटी टॉप में, अंदर सिर्फ़ रेड ब्रा और पैंटी, जो बाहर से झलक रही थीं। मेरे लंड ने तुरंत सलामी दी, टॉवल पर टेंट बन गया। वो करीब आई, मुस्कुराकर बोली, “ये क्या है?”

मैंने कहा, “मेरी जान, ये वो चीज़ है जो आज तुम्हें सोने नहीं देगी।” वो शरमाकर हँसी और बोली, “मैं भी तो देखूँ इसमें कितना दम है?” हम दोनों मुस्कुराए और मैंने उसे बाहों में ले लिया।

गहरा किस किया। वो भी पूरा रिस्पॉन्स दे रही थी – उसकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। फिर मैंने उसके गाल, कान, गर्दन पर किस किया। गर्दन पर जैसे ही किस किया, उसके मुँह से लंबी “आआआह…” निकली। मुझे पता चल गया – वो पूरी गरम हो चुकी है। मैंने दोनों हाथों से उसके बूब्स ज़ोर से दबाए। वो बोली, “धीरे जानू… दर्द होता है।” लेकिन उसकी सिसकियाँ कह रही थीं – और ज़ोर से करो।

एक हाथ नीचे ले जाकर पैंटी के ऊपर से उसकी चूत सहलाने लगा। वो सिसकियाँ भरने लगी – “आह… ऊँह… अनुराग…” मैंने स्पघेटी उतारी। रेड ब्रा-पैंटी में वो सेक्स की देवी लग रही थी। फिर ब्रा उतारी – गुलाबी निप्पल्स तने हुए। पैंटी उतारी – चूत बिल्कुल क्लीन शेव्ड, गुलाबी और पहले से गीली।

अब बोला, “तेरी बारी, मेरे कपड़े उतार।” उसने टॉवल खोला, फिर अंडरवियर। मेरा मोटा लंड देखकर वो दंग रह गई। बोली, “इतना बड़ा और मोटा…?” मैंने कहा, “सब तुम्हारे लिए।” उसने हाथ में लिया और आगे-पीछे हिलाने लगी। फिर मैंने कहा, “मुँह में लो ना।” वो झुककर चूसने लगी – गरम मुँह, जीभ का जादू। मैं स्वर्ग में था।

फिर बोला, “बेडरूम चलें?” वो बोली, “जल्दी चलो, इंतज़ार नहीं होता।” मैंने उसे गोद में उठाया और बेडरूम में ले जाकर बेड पर लिटाया। टाँगें फैलाईं और मुँह उसकी चूत पर लगाया। वो पहले से इतनी गीली थी कि रस बह रहा था। मैं चाटने लगा तो वो पागल हो गई – “आह… अनुराग… बहुत अच्छा लग रहा है… और ज़ोर से…” वो झड़ गई, मेरा मुँह उसके रस से भर गया।

मैंने कहा, “ये तो ट्रेलर था, पिक्चर अभी बाकी है।” वो बोली, “जानू, इतना बड़ा लंड मेरी चूत में कैसे जाएगा?” मैंने कहा, “जाएगा, थोड़ा दर्द होगा लेकिन फिर सिर्फ़ मज़ा।” कंडोम पहनने लगा तो वो बोली, “नहीं जानू, हमारी पहली बार है। बिना कंडोम के करो, मुझे तुम्हारा लंड और मेरी चूत एक होते हुए फील करना है। आज सेफ पीरियड है।”

मैंने कंडोम फेंका और लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा। वो सिसकियाँ ले रही थी। धीरे-धीरे अंदर करने लगा। टाइट थी, दर्द हो रहा था। फिर एक ज़ोर का झटका – वो चीख पड़ी, “आह… निकालो… बहुत दर्द हो रहा है।” मैंने उसे किस किया, बोला, “बस थोड़ी देर, फिर मज़ा आएगा।” फिर एक और झटका – पूरा लंड अंदर। उसके आँसू आ गए, लंड पर खून लगा था – उसकी सील टूटी थी।

Hindi Sex Story :  हिंदी सेक्स स्टोरी: स्टूडेंट की कुंवारी चूत की पहली चुदाई

मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। थोड़ी देर बाद वो भी साथ देने लगी – कमर उठा-उठाकर। फिर स्पीड बढ़ाई। वो चिल्लाने लगी – “आह… ऊँह… और ज़ोर से… फाड़ दो मेरी चूत… प्लीज़ और तेज़…” मैं और जोश में आ गया, ज़ोर-ज़ोर के झटके मारने लगा। जब झड़ने वाला था तो पूछा, “कहाँ निकालूँ?” वो बोली, “अंदर ही… प्लीज़ अंदर भर दो।”

मैं उसकी चूत में झड़ गया। वो दो बार झड़ चुकी थी। फिर हम लिपटकर लेटे। थोड़ा आराम के बाद फिर शुरू हुए – इस बार उसे ऊपर बिठाया, घुड़सवारी करवाई। उसके बूब्स उछल रहे थे, कमाल का नज़ारा।

फिर वो किचन में खाना बनाने गई। मैं पीछे से गया और वहाँ भी चोदा – उसे काउंटर पर टिकाकर। रात में खाना खाने के बाद तीन बार और चुदाई की। आखिरी बार मेरा लंड उसकी चूत में डालकर ही सो गए। सुबह देर से उठे, उस दिन ऑफिस नहीं गए – पूरा दिन सिर्फ़ सेक्स, सेक्स और सेक्स। शाम को उसके मम्मी-पापा आने वाले थे तो मैं निकल गया।

आज भी जब मौका मिलता है हम चुदाई करते हैं। वो मेरे लंड की दीवानी हो गई है। उसने वादा किया है कि ज़िंदगी भर मुझसे चुदवाएगी, चाहे वो कहीं भी रहे।

दोस्तों, ये थी मेरी सेक्सी बॉस रिचा की पहली चुदाई की सच्ची कहानी। उम्मीद है आपको गरमागरम मज़ा आया होगा। कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा!

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