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मेट्रो में मिली हॉट भाभी के साथ फ्लैट पर पूरी रात चुदाई

Metro Me Mili Hot Bhabhi Ke Sath Flat Par Puri Raat Chudai

दिल्ली की सेक्सी हॉट भाभी शालिनी के साथ राहुल की पहली मुलाकात मेट्रो में हुई और फिर एक रात उनके फ्लैट पर रेड साड़ी में शुरू हुई गर्मागर्म चुदाई। बड़े लंड से चूत फटने तक का मजा, ओरल सेक्स, चूसना-चटवाना और बार-बार झड़ना – पूरी देसी हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़ें।

दोस्तों, कैसे हैं आप सब? मेरा नाम राहुल है। मैं चंडीगढ़ में रहता हूँ और एक अच्छी जॉब करता हूँ। पिछले एक साल से मैं इस साइट पर स्टोरीज पढ़ता आ रहा हूँ और बहुत बड़ा फैन हूँ। इसलिए सोचा कि अपनी रियल स्टोरी भी आप सबके साथ शेयर करूँ। मेरा लंड 8.5 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है – मजबूत और हमेशा तैयार। मुझे भाभियाँ बहुत पसंद हैं, उनकी वो mature सेक्सी वाइब्स, वो भरी हुई बॉडी, वो नशीली आँखें… बस दिल बेकरार हो जाता है।

ये कहानी लगभग 7-8 महीने पुरानी है। मैं दिल्ली ट्रेनिंग के लिए गया था। एक शाम ट्रेनिंग से लौटते वक्त मेट्रो में मुझे एक भाभी दिखीं। नाम था शालिनी। उम्र करीब 32 साल, फिगर 34-28-34 – परफेक्ट कर्व्स। उनकी गांड तो ऐसी थी कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए। गोल, भरी हुई, हिलती हुई – बस फिदा हो जाने वाली। वो टॉप और टाइट जीन्स में थीं। उनकी आँखें नशीली थीं, होंठ गुलाबी, चेहरा इतना सेक्सी कि मैं बस देखता रह गया।

थोड़ी देर बाद उन्होंने भी मुझे नोटिस किया। नजरें मिलीं, हल्की स्माइल दी। मैं भी मुस्कुराया। हिम्मत बढ़ी तो मैं उनके पास जाकर खड़ा हो गया। हम एक-दूसरे को देखते रहे, स्माइल करते रहे। उनका स्टेशन आया तो वो उतर गईं। मैं भी उनके पीछे-पीछे उतर गया। स्टेशन से बाहर निकलते वक्त मैंने हल्के से कहा, “हैलो…” उन्होंने मुड़कर देखा, मुस्कुराईं और बोलीं, “हैलो।” मैंने कहा, “आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं, फ्रेंडशिप कर सकते हैं?” उन्होंने हँसकर हाँ कह दिया।

हम पैदल चलते रहे, बातें करते रहे। हल्की-फुल्की, फिर थोड़ी पर्सनल। उनका घर पास ही था। घर पहुँचकर बोलीं, “मुझे जाना है, लेकिन…” और मुस्कुराईं। मैंने फोन नंबर माँगा तो उन्होंने खुशी-खुशी दे दिया। “बात करना,” कहकर वो चली गईं, लेकिन उनकी वो मुस्कान और हिलती गांड मेरे दिमाग में घूमती रही।

फिर हम रोज़ फोन पर, मैसेज पर बात करने लगे। पता चला उनका हसबैंड मार्केटिंग जॉब में है, ज्यादातर बाहर रहता है। कोई बच्चा नहीं। वो अकेली रहती हैं फ्लैट में। धीरे-धीरे बातें प्यार भरी होने लगीं। मैं फ्लर्ट करता, वो भी पूरा रिस्पॉन्स देतीं – कभी शरमाकर, कभी हँसकर। एक रात बात फोन सेक्स तक पहुँच गई। वो बोलीं, “तुम्हारी आवाज़ सुनकर बहुत अच्छा लगता है… मुझे बहुत दिन हुए किसी ने ऐसे चाहा नहीं।” मैंने कहा, “मैं तो आपको बहुत चाहता हूँ शालिनी।” वो साँसें तेज़ करके बोलीं, “सच में? फिर मिलो ना…”

मुझे भाभियों के साथ सेक्स करने में अलग ही मजा आता है, खासकर जब वो साड़ी में हों। तो मैंने प्लान बनाया। एक रात उनके फ्लैट पर जाने का। मैंने पहले ही कहा था, “रेड साड़ी पहनना, मुझे बहुत पसंद है।” वो हँसकर बोलीं, “ठीक है, तुम्हारे लिए।”

रात को मैं उनके घर पहुँचा। दरवाज़ा खोलते ही… ओह्ह्ह क्या लग रही थीं! रेड साड़ी, डीप ब्लाउज़, पतली कमर, नाभि दिख रही थी। कयामत ढा रही थीं। मैं तो बस देखता रह गया। वो मुस्कुराईं, आँख मारकर बोलीं, “पसंद आई?” मैंने कहा, “बहुत… बहुत ज्यादा।” अंदर आया, दरवाज़ा बंद किया। वो बोलीं, “पहले खाना खा लें?” मैंने कहा, “पहले थोड़ा ड्रिंक?” वो शरमाईं लेकिन हाँ कह दिया।

हमने व्हिस्की के दो-दो पेग लिए। मूड बन गया। साथ में खाना खाया। खाना खत्म करके वो बर्तन रखने गईं। जब लौटीं तो सेक्सी स्माइल दी और बोलीं, “चलो बेडरूम में…” मैं उनके पास गया, कमर में हाथ डालकर गोद में उठा लिया। वो हँस पड़ीं, “अरे…!” लेकिन हाथ मेरी गर्दन में डाल दिए। मैं उन्हें बेडरूम में ले गया, धीरे से बेड पर लिटाया। लाइट डिम की, हल्का म्यूजिक चालू किया।

मैं उनके ऊपर लेट गया। पहले चेहरे पर हल्के-हल्के किस्स किए। फिर होंठों पर। वो भी पूरा रिस्पॉन्स दे रही थीं। उनके होंठ इतने सॉफ्ट, इतने रसीले। मैं ज़ोर-ज़ोर से स्मूच करने लगा, जीभ अंदर डाली। वो भी जीभ से खेलने लगीं। खुशबू… ओह्ह्ह मदहोश कर देने वाली। मेरा एक हाथ उनके बूब्स पर गया। 34 साइज़ के, टाइट ब्रा में। मैंने ज़ोर से दबाया तो वो सिसकारीं, “आह्ह्ह… राहुल… धीरे…”

लेकिन उनकी आँखों में वो चाहत साफ दिख रही थी। मैंने साड़ी का पल्लू साइड किया, गर्दन पर किस्स करने लगा। चाटने लगा। वो मस्त होकर मादक आवाज़ें निकालने लगीं, “ओह्ह्ह… आह्ह्ह…” मैंने गर्दन पर हल्का बाइट किया तो वो और जोर से सिसकारीं। फिर मैंने उन्हें उल्टा किया। कमर पर किस्स, चाटना, चूसना… 5 मिनट तक। उनकी साड़ी ऊपर उठी तो गांड दिखी – गोल, भरी हुई। मैंने ब्लाउज़ के हुक मुंह से खोले। फिर उन्हें सीधा किया, ब्लाउज़ उतारा।

ब्राउन ब्रा में वो बूब्स… मैं पागल हो गया। ब्रा उतारी और दोनों बूब्स को पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। एक को मुंह में, दूसरे को हाथ से मसलता। वो पागलों की तरह सिसक रही थीं, “आआआह्ह्ह… ओह्ह्ह राहुल… जानू… बहुत अच्छा लग रहा है…” उनका हाथ मेरे लंड पर गया। अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगीं।

फिर वो खुद बेकाबू हो गईं। मुझे साइड धकेला, मेरी शर्ट-वेस्ट उतारी। मेरी छाती पर, गले पर, निप्पल्स पर किस्स करने लगीं। निप्पल्स चूसने लगीं – ओह्ह्ह क्या फीलिंग थी! फिर नीचे आईं, पेट चाटते हुए। बेल्ट खोली, जीन्स उतारी। जांघों पर, पैरों पर किस्स। फिर अंडरवियर उतारा। मेरा 8.5 इंच का मोटा लंड देखकर वो चौंक गईं, “ओह्ह्ह गॉड… इतना बड़ा… मेरे हसबैंड का भी नहीं है… ये तो मेरी चूत फाड़ देगा…” लेकिन आँखों में चाहत थी।

उन्होंने लंड हाथ में लिया, ऊपर-नीचे करने लगीं। फिर मुंह में लिया। आइसक्रीम की तरह चाटने लगीं, चूसने लगीं। जीभ से टॉप घुमातीं। मैं स्वर्ग में था। वो ज़ोर-ज़ोर से चूसती रहीं। मैंने कहा, “रिलीज़ होने वाला है…” वो बोलीं, “मेरे मुंह में ही छोड़ दो…” मैंने छोड़ दिया। वो सब पी गईं, “यम्मी…” कहते हुए।

फिर वो बेड पर लेट गईं। मैं शहद लाया, उनके पेट पर डाला और चाटने लगा। वो तड़प रही थीं, “आआह्ह्ह… उफ्फ्फ्फ…” फिर मैंने साड़ी पूरी उतारी। अब सिर्फ पैंटी में थीं। उनकी गोरियों जांघों पर किस्स, चाटना। पैंटी उतारी तो… क्लीन शेव्ड चूत। एक बाल नहीं। गुलाबी, रसीली। मैंने पहले प्यार से किस किया। वो सिहर उठीं।

फिर चूत चूसने लगा। क्या स्वाद था… यम्मी। वो जोर से चीखने लगीं, “आआह्ह्ह… ओह्ह्ह राहुल… बहुत अच्छा… और जोर से…” मेरे बाल पकड़कर चूत पर दबा रही थीं। मैं जीभ अंदर डालकर घुमाने लगा। वो पागल हो गईं, कमर उठा-उठाकर हिलने लगीं। “बस… अब नहीं सहन होता… डाल दो अपना लंड…”

मैं खड़ा हुआ। लंड चूत पर रखा, धीरे-धीरे अंदर किया। वो बोलीं, “आह्ह्ह… धीरे… बहुत मोटा है…” मैंने एक जोर का धक्का मारा, पूरा अंदर। वो चीखीं, “ओह्ह्ह… दर्द… लेकिन अच्छा…” मैं धीरे-धीरे ठोकने लगा। वो सिसक रही थीं, “आआह्ह्ह… मजा आ रहा है… और जोर से…” दर्द कम हुआ तो वो खुद बोलीं, “अब जोर-जोर से चोदो मुझे…”

मैंने स्पीड बढ़ाई। जोर-जोर के धक्के। कमरा उनकी चीखों से गूंज रहा था। 5-7 मिनट बाद मैंने कहा, “ऊपर आओ।” मैं लेट गया। वो मेरे लंड पर बैठ गईं। जंप करने लगीं। ऊपर-नीचे। उनके बूब्स उछल रहे थे। मैं नीचे से धक्के मार रहा था। वो बोलीं, “मेरा होने वाला है…” फिर वो झड़ गईं। साथ में मैं भी। वो बोलीं, “अंदर ही छोड़ दो…” मैंने सब अंदर छोड़ दिया।

उस रात हमने तीन बार और किया। हर बार वो और बेकाबू, और चाहत भरी। सुबह तक हम एक-दूसरे में खोए रहे।

दोस्तों, ये थी मेरी और शालिनी भाभी की वो यादगार रात। कैसी लगी स्टोरी? जरूर बताना।

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